थाना उतई के प्रकरण में पुलिस द्वारा आरोपी धनेश्वर साहू को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध कर विभिन्न सजाओं से दंडित किया गया।
10 अप्रैल को थाना उतई क्षेत्र में 4.5 वर्षीय बालिका से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना प्राप्त होने पर थाना उतई में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को अगले दिन गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा त्वरित विवेचना पूर्ण कर दिनांक 25 अप्रैल को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायिक अभिलेख के अनुसार प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अभियोजन किया गया।
विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा दिनांक 25.09.2026 को निर्णय पारित कर आरोपी को दोषसिद्ध किया गया तथा दिनांक 26.09.2026 को सजा संबंधी आदेश पारित किया गया। न्यायालय द्वारा विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास, 07 वर्ष, 10 वर्ष एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं तथा विभिन्न धाराओं में कुल 13,000 रुपये का अर्थदण्ड निर्धारित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी निर्धारित की गई।
प्रकरण की विवेचना एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही में श्रीमती भारती मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक नेवई, जिला दुर्ग; निरीक्षक महेश ध्रुव, तत्कालीन थाना प्रभारी उतई, वर्तमान थाना प्रभारी थाना धमधा, जिला दुर्ग; उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, तत्कालीन थाना उतई, वर्तमान थाना प्रभारी थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग; आरक्षक 137 जी. जगमोहन, आरक्षक 1687 राजीव दुबे, आरक्षक 680 महेश यादव, आरक्षक 1153 विक्रम साहू, महिला आरक्षक 681 पूजा सोनकर, महिला आरक्षक 1288 बिंदु भाले, थाना उतई तथा आरक्षक 307 खेमू राम साहू, रक्षित केन्द्र दुर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।