फिर एक बार भूपेश बनाम विजय के बीच लड़ाई की संभावना
भिलाई। दुर्ग जिले के तीन नगर निगम और जामुल नगर पालिका के 5 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, और चुनाव आयोग ने अपनी गतिविधियां आरंभ कर दी है। आगामी चुनाव नवम्बर माह में कराये जाने की संभावना है।
भिलाई 03 नगर निगम में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में गतिविधियां तेज होने लगी है। महापौर का पद पिछड़ा वर्ग आरक्षित होने से पिछड़े वर्गों के राजनीतिज्ञों में उत्साह है।
भिलाई 03 की राजनीति हमेशा भूपेश बघेल और सांसद विजय बघेल के इर्द-गिर्द ही सीमित रहा है। जहां कांग्रेस में कुर्मी जाति की बहुत है तो वहीं साहू जाति भाजपा पर अधिक विश्वास जताते रहे हैं।
जहां भाजपा के विजय बघेल,शशि बघेल,सीता साहू, चन्द्रकान्ता मांडले अध्यक्ष या महापौर का दायित्व निभा चुके हैं वहीं कांग्रेस सिर्फ वर्तमान कार्यकाल में निर्मल कोसले के रुप में जीत दर्ज करने में सफलता पायी है। जहां साहू वर्ग से भाजपा के जिला महामंत्री प्रेमलाल साहू को सक्षम महापौर प्रत्याशी माना जा रहा वहीं कांग्रेस के सभापति कृष्णा चंद्राकर को रेस में आगे माना जा सकता है। वहीं सुजित बघेल को पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदारी का फायदा भी मिले तो आश्चर्य नहीं होगा और भाजपा के सामने कठिन स्थिति पैदा हो सकती है। लेकिन हमेशा से राजनीति में यह देखा गया है संगठन के कार्यकर्ता कितने भी सक्षम क्यों ना हो टिकट बेनाम को ही मिलने को संभावनाएं अधिक होती है। जहां भिलाई 03 नगरीय निकाय प्रत्याशियों का चयन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही देते रहे हैं वहीं भाजपा के टिकट वितरण में दुर्ग जिले के सांसद विजय बघेल का ही अंतिम निर्णय माना जाता है। अंत में यह चुनाव भूपेश बनाम विजय के बीच अस्तित्व की लड़ाई माना जाता रहा है।