अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है. फ्लोरिडा के पाम बीच में उनके आलीशान घर मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) के आसपास अमेरिकी सेना ने खास एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है. इसके अलावा पास के डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी ये सिस्टम लगाए गए हैं. द वार जोन की रिपोर्ट के मुताबिक करीब दो हफ्ते पहले इनकी तैनाती की गई थी. इसकी वजह ट्रंप की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं. खास तौर पर ड्रोन हमलों और ईरान की ओर से पहले दी गई धमकियों को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है. अमेरिकी सेना ने इस तैनाती के पीछे किसी विशेष तरह के खतरे की पुष्टि नहीं की है. लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य टकराव की आशंका, ट्रंप को पहले मिल चुकी जान से मारने की धमकियां और उनके खिलाफ हुए हमलों की कोशिशों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
कौन सा एयर डिफेंस सिस्टम लगाया गया?
ट्रंप के घर के आसपास अमेरिकी सेना ने AN/TWQ-1 Avenger शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है. यह सिस्टम Humvee (हमवी) नाम की सैन्य गाड़ी पर लगाया जाता है और कम दूरी से आने वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. इसकी खास बात यह है कि यह सिर्फ बड़े विमानों या मिसाइलों के खतरे से निपटने के लिए नहीं है. इसे ड्रोन, छोटे विमानों और दूसरी हवाई गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोकने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
मार-ए-लागो के पास लेक वर्थ लैगून के किनारे एक तैरते प्लेटफॉर्म पर दो Avenger सिस्टम और समुद्र तट पर एक सिस्टम दिखाई दिए हैं. पास के ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कम से कम दो ऐसे सिस्टम होने की जानकारी सामने आई है.
Avenger सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर होते हैं. हर लॉन्चर में चार-चार Stinger मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. यानी एक सिस्टम में कुल आठ मिसाइलें मौजूद हो सकती हैं. ये मिसाइलें गर्मी को पहचानकर अपने निशाने तक पहुंचती हैं. इन्हें खास तौर पर दुश्मन के विमान, हेलिकॉप्टर और दूसरे हवाई खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. इनके नए वर्जन को ड्रोन से निपटने के लिहाज से भी बेहतर बनाया गया है.
अवेंजर्स सिस्टम की खासियत
आठ मिसाइलों की क्षमता: दोनों लॉन्चर में चार-चार Stinger मिसाइलें लगाई जा सकती हैं.
ड्रोन को रोकने की क्षमता: नए वर्जन की मिसाइलों को ड्रोन जैसे छोटे हवाई खतरों से निपटने के लिए भी बेहतर किया गया है.
तेजी से तैनाती: इसे सैन्य गाड़ी पर लगाया जाता है, इसलिए जरूरत के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया जा सकता है.
कम दूरी की सुरक्षा: यह किसी बड़े इलाके की सुरक्षा के बजाय खास जगहों और ठिकानों को हवाई हमलों से बचाने के लिए इस्तेमाल होता है.
इस तरह मार-ए-लागो और एयरपोर्ट के आसपास इसकी तैनाती का मकसद राष्ट्रपति के ठिकाने को हवाई हमलों से अतिरिक्त सुरक्षा देना है.
ड्रोन हमले का खतरा क्यों बढ़ा?
आज के समय में ड्रोन युद्ध का अहम हथियार बन चुके हैं. छोटे ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ सकते हैं और कई बार उन्हें रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है. कुछ ड्रोन में कैमरे लगे होते हैं, जबकि कुछ विस्फोटक लेकर निशाने पर हमला कर सकते हैं. ईरान भी लंबे समय तक उड़ान भरने वाले आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल करता रहा है और दूसरे देशों को भी ऐसे हथियार देता रहा है. ऐसे में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे को गंभीरता से ले रही हैं. ट्रंप का मार-ए-लागो समुद्र के करीब है. इसलिए समुद्र की तरफ से आने वाले किसी संभावित ड्रोन हमले को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.
अवेंजर्स सिस्टम के साथ अमेरिका ने काउंटर अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम यानी ड्रोन रोधी तकनीक भी तैनात की है. इसमें ऐसे उपकरण शामिल हैं जो ड्रोन को पहचानने, उसकी गतिविधि पर नजर रखने और उसकी पहचान करने में मदद करते हैं.



