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तूफान-बारिश का अलर्ट तो कहीं गुलाबी ठंड की दस्तक, IMD ने इन राज्यों को किया अलर्ट

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 3 नवंबर के लिए जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. दक्षिण भारत में जहां भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम आमतौर पर शुष्क बना हुआ है और सुबह-शाम ठंडक में इजाफा दर्ज किया जा रहा है.

देश के चारों प्रमुख क्षेत्रों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान इस प्रकार है:
दक्षिण भारत: भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं
दक्षिण भारत के राज्यों में आज का दिन मौसम के लिहाज से सबसे संवेदनशील है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा छिटपुट जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी दी गई है. तेलंगाना में खम्मम, नलगोंडा, वारंगल और सूर्यपेट सहित कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है. उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.

उत्तर भारत: शुष्क मौसम और सुबह-शाम गुलाबी ठंड का असर
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों – दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ बना रहेगा. हालांकि, सुबह और देर रात के समय हल्की धुंध (मिस्ट) और गुलाबी ठंड का असर देखा जा रहा है. तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का सिलसिला जारी है. वहीं, पहाड़ी राज्यों – जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि मैदानी घाटियों में धूप खिली रहने और मौसम साफ रहने का अनुमान है.

पूर्वी भारत: ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत के तटीय और मध्यवर्ती हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है. ओडिशा के दक्षिणी तटीय जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम व छिटपुट भारी बारिश के आसार हैं. इसके साथ ही पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां शुरू होने का पूर्वानुमान है. बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में मौसम आमतौर पर सूखा रहेगा, हालांकि आंशिक बादल छाए रह सकते हैं.

पश्चिम भारत: आसमान साफ, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें
गुजरात और राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और दिन के समय हल्की गर्माहट के बाद रात के तापमान में गिरावट दर्ज होगी. दूसरी ओर, महाराष्ट्र के विदर्भ और दक्षिणी मराठवाड़ा क्षेत्र में दक्षिण भारत के सिस्टम के प्रभाव के कारण बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. कोंकण और मुंबई के आसपास मौसम साफ और उमस भरा बना रहने की उम्मीद है.

चक्रवात ‘मुरासु’ पर अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के पास बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य हिस्से में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Murasu) पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 8 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है. यह तूफान ओंगोल और नेल्लोर के बीच आंध्र तट को पार कर चुका है. लैंडफॉल के दौरान 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं दर्ज की गईं, जो झोंकों में 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही थीं.

आईएमडी के मुताबिक, यह सिस्टम जमीन पर आगे बढ़ते हुए दोपहर तक कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान (80-90 किमी प्रति घंटा) और आज 3 नवंबर की आधी रात तक और कमजोर पड़कर ‘डीप डिप्रेशन’ (55-65 किमी प्रति घंटा) में तब्दील हो जाएगा. इसके प्रभाव से तटीय आंध्र और तेलंगाना के निचले इलाकों में जलभराव और कच्चे मकानों, पेड़ों व बिजली के खंभों को नुकसान की चेतावनी जारी की गई है.