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भारत के लिए खुला होर्मुज का गेट, दुनिया में तेल संकट के बीच ईरान ने दी गुड न्यूज; क्या है संदेश?

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पश्चिम एशिया में बढ़ते रणनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बीच भारत के लिए तेहरान से बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक राहत भरी खबर सामने आई है. ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही के लिए विशेष छूट दे दी है. इस फैसले के बाद वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन में रुकावट की आशंकाओं के बीच भारतीय तेल और व्यापारिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने का सुरक्षित रास्ता मिल गया है.
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के डिप्टी चेयरमैन अमीर हयात मोकद्दम के बयानों और राजनयिक सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, तेहरान ने कुछ चुनिंदा रणनीतिक साझेदारों को इन पाबंदियों से अलग रखा है. जहां कतर को मुफ्त आवाजाही की अनुमति दी गई है, वहीं भारत और चीन के लिए ट्रांजिट फीस और विशेष रणनीतिक समझौतों के तहत यह कॉरिडोर खोला गया है. ईरान इस छूट के बदले भारत से जरूरी दवाओं की आपूर्ति और कूटनीतिक सहयोग सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
राजनयिक हलकों में इस बड़े फैसले को हाल ही में भारतीय नौसेना और वायुसेना द्वारा किए गए एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन से भी जोड़कर देखा जा रहा है. हाल ही में भारतीय सुरक्षा बलों ने गहरे समुद्र में संकट में फंसे 20 ईरानी नाविकों की जान बचाई थी, जिसे दोनों देशों के बीच मानवीय और कूटनीतिक विश्वास को मजबूत करने वाले अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. भारत के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, ऐसे में तेहरान का यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध या रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है. भारत के लिए भी यह मार्ग ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है