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त्रिपुरा में बीएसएफ जवानों पर हमले के मामले में 18 गिरफ्तार, तीन महिलाएं भी शामिल

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त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है. इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मामले में आठ और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. घटना दो नवंबर को अशाबाड़ी गांव में हुई थी, जहां कथित तस्करों ने बीएसएफ के जवानों पर हमला कर दिया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नए आरोपियों को गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के सिपाहीजाला जिले के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया. घटना के बाद से ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा.

अधिकारी ने बताया कि सभी 18 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. आठ नए आरोपियों को जल्द ही सिपाहीजाला जिले की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा. इससे पहले गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था. अदालत के आदेश पर पुरुष आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा गया, जबकि महिलाओं को न्यायिक हिरासत में रखा गया है.

इस बीच, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार 5 नवंबर 2026 की रात वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर घटना और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. अगरतला के टीआईएफटी कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई बैठक में राज्य प्रशासन, पुलिस, बीएसएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि अधिकारियों को हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, सीमा पार तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस के अनुसार, दो नवंबर को बीएसएफ के जवानों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पार गांजा तस्करी की कोशिश कर रहे कुछ संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया था. इसके बाद करीब 50 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ ने जवानों को घेरकर हमला कर दिया. इस हमले में कंपनी कमांडर समेत बीएसएफ के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमलावरों ने एक जवान की पंप-एक्शन गन छीन ली और बीएसएफ के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना में एक कथित हमलावर भी घायल हुआ था.

सिपाहीजाला जिले में तस्करों द्वारा सुरक्षा कर्मियों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है. वर्ष 2017 में तस्करों के वाहन की टक्कर से बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार मंडल की मौत हो गई थी. वहीं, 21 नवंबर 2019 को इसी जिले में त्रिपुरा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर दुर्गा कुमार हरंगख्वाल भी तस्करी से जुड़े लोगों के वाहन की चपेट में आने से मारे गए थे. गौरतलब है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है. राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है. सीमा के अधिकांश हिस्सों में तस्करी, अवैध घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए बाड़ लगाई गई है.