कॉकपिट एवं विमान संचालन का आभासी अनुभव भी कराया गया
इस प्रशिक्षण में जशपुर जिले के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 40 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना था।पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विमान उड़ान के वैज्ञानिक सिद्धांत, विमान की संरचना, उड़ान नियंत्रण प्रणाली, एयरफॉइल, लिफ्ट, ड्रैग, थ्रस्ट, सेंटर ऑफ ग्रैविटी तथा आधुनिक विमानन तकनीकों का अध्ययन किया। साथ ही 3डी वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से उन्हें कॉकपिट एवं विमान संचालन का आभासी अनुभव भी कराया गया, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक एवं प्रभावी बनी।
विद्यार्थियों को वायुगतिकी एवं एयरोमॉडलिंग का दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षक श्री सुभाष देवांगन एवं श्री राजेश राजपूत ने विद्यार्थियों को वायुगतिकी एवं एयरोमॉडलिंग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रायोगिक सत्रों में विद्यार्थियों ने पेपर प्लेन, बूमरैंग, एयरक्राफ्ट पज़ल्स तथा एयरोमॉडल निर्माण जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने एयरोमॉडल के संतुलन, नियंत्रण एवं उड़ान परीक्षण की प्रक्रिया को प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में व्यवहारिक रूप से समझा।
विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका
जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों को विज्ञान की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रयोग, समस्या समाधान, टीमवर्क और नवाचार आधारित सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



