केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है. आयोग का गठन हो चुका है और कर्मचारियों के संगठनों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि इस इंतजार के बीच सितंबर में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के रूप में राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार जुलाई 2026 के डीए और डीआर में बढ़ोतरी का ऐलान सितंबर में कर सकती है. डीए में बढ़ोतरी साल में 2 बार की जाती है. पहला बदलाव जनवरी और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है.
जनवरी 2026 में केंद्र सरकार ने डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था. अब सामान्य गणना के आधार पर जुलाई 2026 के लिए इसमें 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. अगर यह बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा. इससे कर्मचारियों की मासिक सैलरी में सीधा इजाफा होगा. पेंशनर्स को भी इसी तरह महंगाई राहत यानी डीआर में बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा.
केंद्रीय कर्मचारियों का डीए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स यानी एआईसीपीआई आईडब्ल्यू के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाता है. श्रम ब्यूरो की ओर से जारी 12 महीने के आंकड़ों को डीए की गणना में इस्तेमाल किया जाता है. ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक डीए का ऐलान आमतौर पर सितंबर में होता है, हालांकि कुछ वर्षों में यह अक्टूबर तक भी टल सकता है.
8वें वेतन आयोग का काम भी जारी
दूसरी तरफ 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अलग अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों से बातचीत कर रहा है. आयोग का राजस्थान के जयपुर का 2 दिवसीय दौरा 1 सितंबर को पूरा हो रहा है. इसके बाद आयोग 8 सितंबर को पुडुचेरी, 16 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ तथा 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु का दौरा करेगा. आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मू कश्मीर, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हितधारकों से बातचीत कर चुका है.
पुराने पेंशनर्स को भी शामिल करने की मांग
8वें वेतन आयोग के दायरे को लेकर एक अहम मांग भी सामने आई है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने कर्मचारी संगठनों की उन मांगों को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग तक भेजा है, जिनमें 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स की पेंशन संशोधन को भी आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है. 18 अगस्त 2026 के एक पत्र में ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन की ओर से मिली मांगों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है. अगर इस मांग को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में जगह मिलती है तो पुराने पेंशनर्स के लिए भी पेंशन संशोधन का रास्ता साफ हो सकता है. फिलहाल आयोग की अंतिम सिफारिशों का इंतजार है.
1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं सिफारिशें
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी गई है. हालांकि आयोग की रिपोर्ट तैयार होने, सरकार की मंजूरी और नई सैलरी व पेंशन व्यवस्था लागू होने में समय लग सकता है. ऐसी स्थिति में पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को बकाया अवधि का एरियर मिलने की संभावना रहेगी. यानी फिलहाल कर्मचारियों के लिए 2 चीजों पर नजर है. पहला सितंबर में जुलाई 2026 के डीए में संभावित 3 प्रतिशत बढ़ोतरी और दूसरा 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें. इनमें से डीए की राहत पहले मिल सकती है, जबकि बड़ी सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी के लिए आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी का इंतजार करना होगा.



