Home देश लंदन से आयरलैंड तक एयर ट्रैफिक कंट्रोल क्रैश, किसने सिस्टम किया हैक,...

लंदन से आयरलैंड तक एयर ट्रैफिक कंट्रोल क्रैश, किसने सिस्टम किया हैक, 1000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, एयर इंडिया पर भी असर

1
0

लंदन से लेकर आयरलैंड तक अचानक आसमान में उड़ानों की रफ्तार थम गई. एयरपोर्ट पर यात्री पहुंचे तो फ्लाइट स्टेटस बदलता मिला. कहीं उड़ान कैंसिल हो गई, कहीं घंटों की देरी शुरू हो गई और कहीं विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की तरफ मोड़ना पड़ा. मामला ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से जुड़ा था. ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसी एनएटीएस के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई. इसका असर हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड और लंदन ल्यूटन जैसे बड़े एयरपोर्ट पर दिखा. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक 600 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हुईं, जबकि बाद की जानकारी में कुल कैंसिलेशन का आंकड़ा 1000 से ज्यादा बताया गया. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर सिस्टम में गड़बड़ी हुई कैसे? क्या यह महज तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे साइबर अटैक जैसी कोई वजह थी?
इस गड़बड़ी का असर ब्रिटेन तक ही सीमित नहीं रहा. स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन जैसे एयरपोर्ट पर भी देरी और कैंसिलेशन की स्थिति बनी. आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट ने भी आने-जाने वाली उड़ानों में व्यवधान की जानकारी दी. यानी एक सिस्टम की परेशानी ने देखते ही देखते पूरे एयर ट्रैफिक नेटवर्क को प्रभावित कर दिया. इसी बीच मुंबई से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 131 भी इसकी चपेट में आ गई. बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर को हीथ्रो में उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी और विमान को ज्यूरिख डायवर्ट करना पड़ा. विमान में 290 से ज्यादा यात्री थे. शुरुआत में विमान के आगे जाने की उम्मीद थी, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई तो फ्लाइट आखिरकार रद्द करनी पड़ी. यात्रियों को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर उतारा गया.

तकनीकी गड़बड़ी के बाद लंदन फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में आने और जाने वाली उड़ानों पर सख्त नियंत्रण लगाया गया. इसका सीधा असर ब्रिटेन के बड़े एयरपोर्ट पर पड़ा. हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड पर यात्रियों को देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा. लंदन ल्यूटन और बर्मिंघम से भी उड़ानों में व्यवधान की खबर आई. स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन एयरपोर्ट भी इससे अछूते नहीं रहे.

एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट ज्यूरिख डायवर्ट
मुंबई से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 131 को हीथ्रो में पैदा हुई स्थिति के कारण ज्यूरिख की ओर मोड़ना पड़ा. विमान 8 सितंबर को मुंबई से रवाना हुआ था. इसमें 290 से ज्यादा यात्री सवार थे. विमान के ज्यूरिख पहुंचने के बाद यात्रियों को कुछ समय तक आगे की स्थिति साफ होने का इंतजार करना पड़ा. लेकिन हीथ्रो पर आगमन संबंधी पाबंदियां जारी रहने के कारण फ्लाइट को आगे नहीं भेजा जा सका. आखिरकार इसे रद्द कर दिया गया और सभी यात्रियों को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर उतार दिया गया.

क्या किसी ने सिस्टम हैक किया था?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है. हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभी तक साइबर अटैक या हैकिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है. NATS ने इसे अपने फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम की तकनीकी समस्या बताया है. इसलिए फिलहाल इसे हैकिंग नहीं कह सकते हैं. तकनीकी खराबी किस वजह से हुई, क्या किसी बाहरी तत्व की भूमिका थी या सिस्टम में आंतरिक समस्या आई, इस पर स्थिति साफ होने का इंतजार है. जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि इसके पीछे असली वजह क्या थी.

तकनीकी गड़बड़ी के बाद लंदन फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में आने और जाने वाली उड़ानों पर सख्त नियंत्रण लगाया गया. इसका सीधा असर ब्रिटेन के बड़े एयरपोर्ट पर पड़ा. हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड पर यात्रियों को देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा. लंदन ल्यूटन और बर्मिंघम से भी उड़ानों में व्यवधान की खबर आई. स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन एयरपोर्ट भी इससे अछूते नहीं रहे.
एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट ज्यूरिख डायवर्ट
मुंबई से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 131 को हीथ्रो में पैदा हुई स्थिति के कारण ज्यूरिख की ओर मोड़ना पड़ा. विमान 8 सितंबर को मुंबई से रवाना हुआ था. इसमें 290 से ज्यादा यात्री सवार थे. विमान के ज्यूरिख पहुंचने के बाद यात्रियों को कुछ समय तक आगे की स्थिति साफ होने का इंतजार करना पड़ा. लेकिन हीथ्रो पर आगमन संबंधी पाबंदियां जारी रहने के कारण फ्लाइट को आगे नहीं भेजा जा सका. आखिरकार इसे रद्द कर दिया गया और सभी यात्रियों को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर उतार दिया गया.

क्या किसी ने सिस्टम हैक किया था?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है. हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभी तक साइबर अटैक या हैकिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है. NATS ने इसे अपने फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम की तकनीकी समस्या बताया है. इसलिए फिलहाल इसे हैकिंग नहीं कह सकते हैं. तकनीकी खराबी किस वजह से हुई, क्या किसी बाहरी तत्व की भूमिका थी या सिस्टम में आंतरिक समस्या आई, इस पर स्थिति साफ होने का इंतजार है. जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि इसके पीछे असली वजह क्या थी.

इस संकट का असर कई बड़ी एयरलाइंस पर पड़ा. ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, केएलएम और लुफ्थांसा जैसी कंपनियों की उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन देखने को मिला. ब्रिटिश एयरवेज ने कहा कि तकनीकी समस्या उसके नियंत्रण से बाहर थी और उसकी टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द उनकी मंजिल तक पहुंचाने में लगी थीं. ईजीजेट की कई उड़ानें भी प्रभावित हुईं. कंपनी के मुताबिक ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की परेशानी का असर यूरोप के दूसरे हिस्सों में जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ा.

सिस्टम ठीक हुआ, लेकिन बैकलॉग ने बढ़ाई परेशानी
NATS ने बाद में सिस्टम की समस्या को ठीक करने की जानकारी दी. लेकिन सिस्टम के दोबारा काम करने का मतलब यह नहीं था कि एयरपोर्ट तुरंत सामान्य हो गए. पहले से जमा उड़ानों का बैकलॉग साफ करना जरूरी था. एक विमान की देरी का असर उसके अगले कई रूट पर पड़ता है. यही वजह है कि तकनीकी समस्या खत्म होने के बाद भी यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा. अब एयरलाइंस और एयरपोर्ट मिलकर उड़ानों को धीरे-धीरे सामान्य करने में जुटे हैं.