रायपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है, जहाँ कैदियों और उनके परिजनों से अवैध वसूली, मारपीट और सुरक्षा में बड़ी चूक के संगीन आरोप सामने आए हैं। 30 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, जेल के भीतर और बाहर अवैध गतिविधियों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की बात कही जा रही है।
इस पूरे मामले से जुड़े मुख्य पहलू निम्नलिखित हैं:
1. कैदियों का वीडियो वायरल और वसूली के आरोप
• मारपीट और प्रताड़ना: रायपुर सेंट्रल जेल से कैदियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में कैदी अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए जेल प्रहरियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कैदियों का कहना है कि पैसे न देने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है।
• मुलाकात में बाधा: कैदियों ने आरोप लगाया है कि जब उनके परिजन उनसे मिलने आते हैं, तो जेल प्रहरी मुलाकात कराने के एवज में अवैध पैसों (वसूली) की मांग करते हैं और पैसे न देने पर मुलाकात में बाधा उत्पन्न की जाती है। हालांकि, जेल प्रबंधन ने अभी तक इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
• ऑनलाइन पेमेंट का खेल: सोशल मीडिया पर जेल प्रहरियों की मनमानी और परिजनों से सामान पहुंचाने या मुलाकात के नाम पर ऑनलाइन पेमेंट (स्क्रीनशॉट के माध्यम से) लेने के दावे भी किए जा रहे हैं।
2. जेल के बाहर ‘मंगौड़ी सेंटर’ पर बड़ा खुलासा
अवैध वसूली के आरोपों के बीच जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक और बड़ा प्रहार हुआ है। जेल प्रशासन की टीम ने जेल के ठीक बाहर संचालित होने वाले एक मंगौड़ी सेंटर (फूड स्टॉल) पर अचानक दबिश दी। इस छापेमारी में बेहद चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं:
• प्रतिबंधित सामग्रियां: इस सेंटर से भारी मात्रा में गांजा, नशीली गोलियां, तंबाकू और करीब 400 पैकेट सितार गुटखा बरामद किया गया है।
• नकदी और मोबाइल: इसके साथ ही मौके से दो मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में संदिग्ध नगद कैश भी जब्त किया गया है।
• सूत्रों के अनुसार, इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इसी सेंटर के जरिए जेल के भीतर तक प्रतिबंधित सामग्रियां und नशा पहुंचाया जाता था, जिससे जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जेल प्रशासन और पुलिस की टीमें इन मामलों की जांच कर रही हैं कि आखिर सुरक्षा घेरे के बावजूद जेल के आसपास नशीले पदार्थों का यह नेटवर्क कैसे फल-फूल रहा था।