अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ पर एक बार फिर यू-टर्न लिया है. रूस के तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के बाद, अब ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के कुछ उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ वापस लेने का ऐलान किया है. 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से ठीक दो सप्ताह पहले लिए गए इस फैसले ने साफ कर दिया है कि घरेलू राजनीतिक दबाव और चुनावी गणित के आगे ट्रंप को ‘टैरिफ वॉर’ में कदम पीछे खींचने पड़ रहे हैं.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्लाईवुड शीट, कागज से बने चुनिंदा उत्पादों, कुछ विशेष मशीनों और रेफ्रिजरेशन उपकरणों से टैरिफ हटाए गए हैं. ट्रंप का यह फैसला मेन (Maine) राज्य में रिपब्लिकन पार्टी की कमजोर स्थिति को संभालने की कवायद माना जा रहा है. कनाडा सीमा से लगे इस राज्य में रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार से कड़ी चुनौती मिल रही है. ट्रंप के कनाडा पर टैरिफ लगाने से मेन राज्य के किसान और स्थानीय उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे. कॉलिन्स ने टैरिफ हटाने को लॉबिंग की थी. इसके बाद ब्लूबेरी, आलू, सेब और समुद्री शैवाल उत्पादकों के लिए जरूरी कनाडाई सामानों पर टैरिफ हटाया गया है.
सीनेटर कॉलिन्स के अनुसार, मेन राज्य के किसान पैकेजिंग सामग्री और विशिष्ट उपकरणों के लिए कनाडा से आने वाले आयात पर पूरी तरह निर्भर हैं. ये उत्पाद या तो अमेरिकी सप्लायर्स के पास उपलब्ध नहीं हैं, या फिर घरेलू बाजार में इनके विकल्प तलाशना भारी वित्तीय नुकसान का कारण बन रहा था. ऐसे में घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन को अपने ही टैरिफ नियमों में बदलाव करना पड़ा.



