अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत से राजनीतिक अनिश्चितता कम होने और निवेशकों का भरोसा बढ़ने से अमेरिकी बाजारों में तूफानी तेजी देखने को मिली. S&P 500 में 1.6 फीसदी, Nasdaq में 1.4 फीसदी और Dow Jones में 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि, AI रेगुलेशन सख्त होने की आशंका से डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई.
भारतीय शेयर बाजार में भी आज 5 नवंबर को मजबूती देखने को मिली. इससे पहले 4 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए थे. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की वापसी और कंपनियों के मजबूत नतीजों से घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला है. आज शेयर बाजार से जुड़ी सारी अपडेट्स आप इस लाइव ब्लॉग में चेक कर सकते हैं.
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही. कारोबार के अंत में Sensex 2,008.61 अंक यानी 2.60% उछलकर 79,310.01 पर बंद हुआ. वहीं, Nifty 576 अंक यानी 2.40% की बढ़त के साथ 24,536.60 पर पहुंच गया. बाजार में कुल 2,775 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,329 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 147 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. Nifty के टॉप गेनर्स में Bajaj Finance, Shriram Finance, IndiGo, Maruti Suzuki और ICICI Bank शामिल रहे. वहीं, Apollo Hospitals, ONGC, NTPC, Bharat Electronics और Coal India के शेयरों में गिरावट रही. सेक्टोरल इंडेक्स में एनर्जी 0.5% और मीडिया 0.8% की गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा ऑटो, PSU बैंक, Nifty Bank और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 3% की तेजी रही. IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 2% से ज्यादा चढ़े. इस दौरान Nifty Midcap इंडेक्स 1.8% और Smallcap इंडेक्स 0.6% की बढ़त के साथ बंद हुए.
Ceigall India का मुनाफा 66% उछला, दूसरी तिमाही में रेवेन्यू भी 27% बढ़ा
Ceigall India ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 26.7% बढ़कर 1,022.4 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 807 करोड़ रुपये था. वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 66.1% की बढ़त के साथ 93 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 56 करोड़ रुपये था. इस दौरान EBITDA भी 52.6% बढ़कर 174 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 14% से बढ़कर 17% पर पहुंच गया.
बाजार में तेजी के 3 बड़े कारण
कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट: गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही. ब्रेंट क्रूड 1.07% गिरकर 93.61 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 1.29% टूटकर 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. पिछले सेशन में दोनों बेंचमार्क 8% से ज्यादा गिरे थे. इस हफ्ते अब तक कच्चा तेल करीब 16% सस्ता हो चुका है. अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान की उम्मीदों से तेल की कीमतों पर दबाव आया है. भारत के लिए सस्ता तेल राहत की खबर है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई घट सकती है और कंपनियों के मुनाफे को सहारा मिल सकता है.
विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है, जब विदेशी निवेशक खरीदारी कर रहे हैं. अक्टूबर 2025 के बाद यह भारत में उनकी सबसे बड़ी एकदिवसीय खरीदारी में से एक रही.
वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत: एशियाई बाजारों में शंघाई का SSE Composite और हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इससे पहले बुधवार को अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार तेजी रही. Dow Jones 3.03%, S&P 500 1.58% और Nasdaq Composite 1.44% चढ़कर बंद हुए. मजबूत वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार की तेजी को समर्थन दिया.



