कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में 26 से 31 फीसदी तक एथेनॉल मिलने के दावे को सरकारी तेल कंपनियों ने नकार दिया है. इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का कहना है कि कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल की जांच निर्धारित नियमों और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुसार नहीं की है. इसलिए सरकार के दावों को सही नहीं ठहराया जा सकता है. तेल कंपनियों का कहना है कि कंपनियों की अेर से कर्नाटक में जांचे गए 56 सैंपलों में एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 फीसदी के बीच रही, जबकि औसत 19.30 फीसदी दर्ज किया गया है.
गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने सरकार ने दावा किया था कि कुछ पेट्रोल पंपों पर निर्धारित 20 फीसदी सीमा से अधिक, 31.2 फीसदी तक एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल बेचा जा रहा है. कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने कहा था कि बेंगलुरु, कोलार, चिक्कबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु जिलों से लिए गए नमूनों की जांच एथेनॉल मिश्रण ज्यादा मिला. कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल मिलने पर तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
कर्नाटक की जांच पर उठाए सवाल
तेल कंपनियों के मुताबिक, देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जांचे गए कुल 893 सैंपल भी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए. सभी में एथेनॉल की मात्रा 19 से 21 फीसदी के बीच थी. कंपनियों ने कर्नाटक सरकार की सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अक्टूबर में सैंपल लेते समय तेल विपणन कंपनियों (OMC) के प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे. साथ ही, जांच के लिए जरूरी दस्तावेज और दूसरे सैंपल भी उपलब्ध नहीं कराए गए. कंपनियों का आरोप है कि जांच में IS 17021 के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया.



