भिलाई। प्रशासन तभी जागती है जब माल वाहक गाड़ियों में सवारी भरे हों और दुर्घटनाग्रस्त हो जाए।
कवर्धा की घटना, कुम्हारी की घटना और फिर मंदिर हसौद में माल वाहक गाड़ी में सवार मजदूरों की दुर्घटना में मौत के बाद लगने लगा था कि यातायात विभाग इस मामले में गंभीर होकर लगातार कार्यवाही करती रहेगी। लेकिन कुछ ह दिनों में फिर वही मैटाडोर में मजदूरों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरपट दौड़ते इन वाहनों को देखा जा सकता है।





