Home छत्तीसगढ़ मनरेगा से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह

मनरेगा से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह

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ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अहम भूमिका निभा रही है। मुंगेली जिले में इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाएं परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं।

जिले में मनरेगा के तहत अब तक 98 हजार 512 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 69 हजार 927 महिलाओं को 19.56 लाख मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया है। इससे प्रत्येक महिला को औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए मनरेगा के तहत आजीविका डबरी का निर्माण कराया जा रहा है। इन डबरियों के माध्यम से महिलाएं मछली पालन, सब्जी उत्पादन और कृषि कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही प्रोजेक्ट उन्नति के तहत श्रमिकों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से 13 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित कर 35 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि सखी के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।

मनरेगा कार्यों के संचालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मेट पदों पर भी उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में अब तक 1,117 महिलाओं का चयन मेट के रूप में किया गया है, जो विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों के समन्वय और कार्य संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा इच्छुक महिलाओं को डबरी, पशु शेड, बकरी शेड और सूकर शेड जैसे हितग्राही मूलक कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है। इन पहलों से ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका के साधन मिल रहे हैं और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

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