तेल की कीमतों में आज 24 अप्रैल को जोरदार उछाल देखा जा रहा है. ब्रेंट क्रूड का भाव 1.30 फीसदी चढ़कर 106.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. तेल की कीमत बढ़ने का असर सोना और चांदी पर कई तरह से पड़ता है. जब तेल महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्ट और उत्पादन की लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई बढ़ती है. ऐसी स्थिति में निवेशक सुरक्षित ऑप्शन की तलाश करते हैं, और सोना-चांदी को सेफ हेवन मानकर इनमें निवेश बढ़ा देते हैं, जिससे इनकी कीमतें ऊपर जा सकती हैं.
हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी है. तेल महंगा होने पर डॉलर मजबूत हो सकता है या केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं. अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोना और चांदी पर दबाव आ सकता है, क्योंकि ये ब्याज नहीं देते. वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने पर निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश की ओर जाते हैं, जिससे इनकी कीमतों को सपोर्ट मिलता है.
24 अप्रैल को ग्लोबल मार्केट में सतर्क माहौल के कारण सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ. कॉमैक्स पर सोना $18.20 यानी 0.39% गिरकर $4,705.80 प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी भी $0.394 यानी 0.52% टूटकर $75.11 प्रति औंस पर पहुंच गई.
बाजार का माहौल कमजोर बना हुआ है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुक गई है और तनाव बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का अहम रास्ता है, वहां लगातार दिक्कतें बनी हुई हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है. इस अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है.



