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टाटा के इस ट्रस्ट में छिड़ी वर्चस्व की जंग, दो ट्रस्टियों ने रोका वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह का रास्ता

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टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) में छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट (TEDT) में वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan) और विजय सिंह (Vijay Singh) की पुनर्नियुक्ति के प्रस्‍ताव के खिलाफ मेहली मिस्त्री (Mehli Mistry) और जेएन मिस्त्री (J N Mistry) ने वोट दिया है. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनिवासन और सिंह का वर्तमान कार्यकाल अगले रविवार को समाप्त हो रहा है. ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी भी ट्रस्टी के कार्यकाल के विस्तार के लिए ‘सर्वसम्मति’ अनिवार्य है. चूंकि दो ट्रस्टियों ने विरोध में वोट किया है, इसलिए तकनीकी रूप से वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह का दोबारा ट्रस्टी बनना अब नामुमकिन सा लग रहा है.
भले ही टीईडीटी सीधे तौर पर टाटा सन्स (Tata Sons) में शेयरधारक न हो, लेकिन यह टाटा नेटवर्क के सबसे प्रभावशाली ट्रस्टों में से एक है. ₹5,000 करोड़ से अधिक के कोष (Endowment) वाला यह ट्रस्ट देश भर में शिक्षा और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का संचालन करता है. वेणु श्रीनिवासन वर्तमान में टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष हैं. ऐसे में यदि वे TEDT के ट्रस्टी नहीं रहते, तो उनकी इस पद पर निरंतरता को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो जाएंगे. ट्रस्ट के वर्तमान ट्रस्टियों में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, मेहली मिस्त्री और जे. एन. मिस्त्री सहित अन्य शामिल हैं

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 8 मई को टाटा ट्रस्ट्स की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. इस बैठक में टाटा सन्स के बोर्ड में ट्रस्ट के प्रतिनिधित्व की समीक्षा होनी है. सबकी नजरें अब नोएल टाटा (Noel N Tata) पर टिकी हैं, जो एक अन्य आजीवन ट्रस्टी हैं और उन्होंने अभी तक इस मामले पर अपना मतदान नहीं किया है. TEDT में पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया पहले से ही अनिश्चितता का सामना कर रही थी, क्योंकि पहले ही संकेत मिल रहे थे कि सभी ट्रस्टी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे.

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