भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भले ही हाल के दिनों में कुछ चुनौतियां सामने आई हों, लेकिन सरकार के शीर्ष आर्थिक सलाहकार को भविष्य को लेकर पूरा भरोसा है. मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि यदि आर्थिक स्थिरता बनाए रखी गई और आपूर्ति से जुड़े सुधार जारी रहे, तो भारत वित्त वर्ष 2027-28 तक फिर से 7 प्रतिशत या उससे अधिक की विकास दर हासिल कर सकता है. उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कुछ दबाव जरूर हैं, लेकिन भारत की आर्थिक बुनियाद अभी भी मजबूत बनी हुई है.
RBI के अनुमान ने बढ़ाई चर्चा
शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया. केंद्रीय बैंक ने इसके पीछे ऊर्जा और अन्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से पैदा हुई आपूर्ति बाधाओं को प्रमुख कारण बताया. RBI का मानना है कि इन परिस्थितियों का असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है. हालांकि सरकार की ओर से इस अनुमान पर कोई असहमति नहीं जताई गई है और इसे मौजूदा हालात के अनुरूप माना गया है.






