वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने साल 2026 का ताजा सर्वे जारी किया है. इसके मुताबिक दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अगले पांच सालों में अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाएंगे. इस कदम से वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को बड़ा झटका लग सकता है. सर्वेक्षण में शामिल 84 प्रतिशत बैंकों का मानना है कि आने वाले समय में गोल्ड रिजर्व बढ़ेगा, जबकि 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने साफ किया है कि कुल रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट आएगी.
वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंच पर अमेरिकी डॉलर के एकछत्र राज को चुनौती देने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने परदे के पीछे एक बहुत बड़ी बिसात बिछा दी है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) द्वारा मंगलवार को जारी किए गए सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026 के चौंकाने वाले आंकड़े यह साफ इशारा कर रहे हैं कि आने वाले पांच सालों में वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का रुख पूरी तरह बदलने वाला है. इस अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में दुनिया के 73 प्रमुख केंद्रीय बैंकों को शामिल किया गया है, जिनमें 17 विकसित और 56 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बैंक हैं. इन दिग्गजों की राय से यह साफ हो गया है कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में अब दुनिया का भरोसा कागजी करेंसी से ज्यादा उस सोने पर बढ़ रहा है, जो सदियों से संकट का सबसे भरोसेमंद साथी रहा है.






