नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत से 11 एक्सपर्ट्स की टीम प्रभावित इलाकों में पहुंची है. ये टीम सुरंगों फंसे और लापता लोगों को सहायता देने का काम कर रही है. सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नेपाली सेना की एक संयुक्त टीम शुक्रवार रात से ही दिन-रात जुटी हुई है.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर बेहद खौफनाक बना हुआ है. इस बीच, नेपाल सरकार के निवेदन के बाद भारत से 11 एक्सपर्ट की एक खास टीम शनिवार को नेपाल पहुँच चुकी है. इस टीम में डॉक्टरों के साथ-साथ टनल-रेस्क्यू के एक्सपर्ट शामिल हैं. वे सुरंगों में फंसे या लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तकनीकी मदद दे रहे हैं.
भारतीय टीम ने चिलीमे और लांगतांग इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद त्रिशूली क्षेत्र का रुख किया है. वहाँ उन्होंने तुरंत अपना राहत और आकलन कार्य शुरू कर दिया है. रसुवा में त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. उन्हें बचाने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 82 जवानों की एक संयुक्त टीम शुक्रवार रात से ही दिन-रात जुटी हुई है.
नेपाल सेना के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने अब तक अलग-अलग सुरंगों से 191 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं. अकेले रसुवा के अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट की एक सुरंग में 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. वहाँ से मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है.
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में आई इस अचानक बाढ़ ने सड़कों, पुलों, मकानों और पावर प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया है. सैकड़ों मौतों और हजारों लोगों के लापता होने की खबर है, जिससे संचार और यातायात संपर्क पूरी तरह कट चुका है



