भिलाई । छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अधूरे इलाज के बाद वापस भेजा जा जा रहा है।
केन्द्र सरकार ने आर्थिक रुप से कमजोर ग्रामीण और शहरवासियों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड जारी कर 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में किये जाने की योजना चला रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान योजना का सही रूप में संचालन नहीं होने से ग्रामीणों को जमीन बेचने या क़र्ज़ लेने मजबूर होना पड़ रहा है।
कुम्हारी में संचालित निजी अस्पतालों में रोजाना ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिसमें मरीज के परिजन अस्पताल में लड़ाई झगडे़ करते नजर आते हैं। अस्पताल प्रबंधनों का कहना है कि मरीज के इलाज का खर्च आयुष्मान योजना से उन्हें नहीं मिलने के कारण वे भी मरीज का मुफ्त में इलाज करने में असमर्थ हैं।
प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन भी इस विषय पर लगातार बैठकें कर अधिकृत अधिकारियों और मंत्रियों को अवगत करते ही रहते हैं,लेकिन विगत छः माह से सिर्फ किस्त की राशि ही दी जाती रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को उचित इलाज देने बाध्य नहीं हैं।