भारत में रसोई गैस को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बढ़ती हैं, तब भी घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बिना किसी बड़ी परेशानी के कैसे पहुंचती रहती है. अब पेट्रोलियम मंत्रालय की ताजा जानकारी ने इस सवाल का जवाब भी दे दिया है और एक बड़ी हकीकत भी सामने रख दी है. मंत्रालय के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां आज भी हर घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान उठा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में गैस की उपलब्धता को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग के दौरान बताया कि सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, आयात को सुरक्षित रखने और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. इसी वजह से देश में कहीं भी एलपीजी की कमी या सप्लाई संकट की स्थिति नहीं बनी है. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत का ऊर्जा तंत्र पूरी तरह स्थिर बना हुआ है.





