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आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रवि निगम जिला बदर, एक वर्ष तक दुर्ग सहित 06 जिलों की सीमा में प्रवेश पर प्रतिबंध

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▪️ जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत रवि निगम के विरुद्ध जिला बदर आदेश पारित किया गया।
▪️ आदेशानुसार रवि निगम को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला दुर्ग सहित राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद एवं बेमेतरा जिलों की सीमाओं से बाहर रहना होगा।
▪️ आरोपी के विरुद्ध थाना सुपेला एवं पद्मनाभपुर में वर्ष 2013 से 2025 तक कुल 05 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में सुनवाई एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत रवि निगम के विरुद्ध एक वर्ष के लिए जिला बदर का आदेश पारित किया गया है।
दुर्ग।  रवि निगम, उम्र 35 वर्ष, निवासी रावण भाठा, सुपेला, जिला दुर्ग को आदेश की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए जिला दुर्ग सहित राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद एवं बेमेतरा जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। आरोपी को आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर उक्त जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा निर्धारित अवधि तक सक्षम अनुमति के बिना इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में आरोपी रवि निगम के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार सुनवाई की गई। प्रकरण में पुलिस प्रतिवेदन, आपराधिक रिकॉर्ड, अभियोजन साक्षियों के कथन, बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण में आरोपी के विरुद्ध लगातार आपराधिक गतिविधियां थाना सुपेला एवं पद्मनाभपुर में वर्ष 2013 से 2025 तक कुल 05 आपराधिक प्रकरणआरोपी के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण 1. अपराध क्रमांक 61/2013, थाना सुपेला — धारा 294, 506, 323, 34 भादवि। 2. अपराध क्रमांक 288/2018, थाना सुपेला — धारा 294, 506, 323, 34, 427 भादवि। 3. अपराध क्रमांक 315/2023, थाना सुपेला — धारा 294, 506, 341, 34 भादवि। 4. अपराध क्रमांक 494/2023, थाना सुपेला — धारा 294, 506, 323, 34 भादवि। 5. अपराध क्रमांक 320/2025, थाना पद्मनाभपुर — धारा 296, 115(2), 351(3) बीएनएस दर्ज जाने एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ने की स्थिति को ध्यान में रखा गया। लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर का आदेश पारित किया गया है।
पुलिस प्रतिवेदन में आरोपी के संबंध में लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट तथा विवाद की परिस्थितियों में भीड़ एकत्र कर अशांति उत्पन्न करने जैसे कृत्यों में संलिप्त रहने का उल्लेख किया गया है।
जिला बदर प्रकरण में सुपेला थाना द्वारा आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं उपलब्ध अभिलेखों का संकलन कर नियमानुसार प्रतिवेदन तैयार किया गया तथा प्रकरण की कार्रवाई में आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

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