Home विदेश टू फास्ट’…कॉकपिट में 2 मिनट तक गूंजती रही चीखें, हवा बनी यमराज,...

टू फास्ट’…कॉकपिट में 2 मिनट तक गूंजती रही चीखें, हवा बनी यमराज, क्या है मियामी प्लेन क्रैश का सच?

4
0

एमेजॉन का विशालकाय बोइंग 767 कार्गो प्लेन रनवे की सीमा लांघता हुआ बाहर निकल गया और 1,300 फीट दूर खड़ी एक वैन के ऊपर जा चढ़ा. मियामी इंटरनेशल एयरपोर्ट पर हुए इस दर्दनाक हादसे में जमीन पर मौजूद 5 बेकसूर लोगों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई. अब 5 दिन बाद इस हादसे से जुड़े ऐसे-ऐसे रहस्य सामने आए हैं, जिसे सुनकर जांच अधिकारियों की भी रूह कांप गई. नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की नई रिपोर्ट ने अब इस प्लेन क्रैश के पीछे की पूरी कॉकपिट मिस्ट्री का खुलासा कर दिया है. सबसे खौफनाक कॉकपिट में 120 सेकंड तक गूंजती रही वो वॉर्निंग है, जो पायलट ने अनसुनी कर दी.

कॉकपिट में 120 सेकंड तक गूंजती रही वॉर्निंग
रिपोर्ट में पता चला है कि लैंडिंग से ठीक पहले कॉकपिट के अंदर भयानक अफरा-तफरी मची हुई थी. तेज हवाएं मानों काल बनकर जहाज का रास्ता रोक रही थीं. इसी बीच कॉकपिट के सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज गूंजती रही- ‘टू फास्ट’. एक पायलट लगातार चिल्ला रहा था कि जहाज की रफ्तार बहुत तेज है. ये चेतावनी कोई एक या दो बार नहीं दी गई, बल्कि पूरे 120 सेकंड तक कॉकपिट में चीख बनकर गूंजती रही. अब सवाल ये उठ रहा है कि इतनी वॉर्निंग के बाद भी 5 लोगों की जान कैसे चली गई?

ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग से फंस गया पायलट
NTSB की जांच में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) का जो डेटा सामने आया है, वो किसी का भी कलेजा कंपा देने के लिए काफी है. मियामी में एमेजॉन के लिए ’21 एयर’ कंपनी द्वारा चलाए जा रहे इस मालवाहक जहाज में 55 साल के कैप्टन जोसेफ कैरोल और 37 साल के फर्स्ट ऑफिसर जेमी फेलिप सिल्वा मोलिना मौजूद थे.

5,000 फीट आगे लैंडिंग और 4 सेकंड का वो जानलेवा फैसला
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और फ्लाइटराडार24 के डेटा से पता चलता है कि ये हादसा सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से नहीं हुआ. असल में लैंडिंग के वक्त कॉकपिट में कन्फ्यूजन और हड़बड़ाहट में लिए गए फैसलों ने इसे एक भयंकर हादसे में बदल दिया.

विशालकाय रनवे और बड़ी चूक: मियामी एयरपोर्ट का रनवे नंबर 30 कुल 9,360 फीट लंबा है. उस दिन हवाएं बेहद तेज थीं, जिसकी वजह से प्लेन की अप्रोच पूरी तरह अनस्टेबल यानी अस्थिर हो चुकी थी.
लेट टचडाउन: प्लेन को रनवे की शुरुआत में लैंड करना चाहिए था. लेकिन ये विशालकाय बोइंग 767 रनवे की शुरुआत से करीब 5,000 फीट आगे जाकर टचडाउन हुआ. इसका सीधा मतलब ये था कि इतने भारी जहाज को रोकने के लिए आधा रनवे भी नहीं बचा था.

4 सेकंड का असमंजस: रनवे पर उतरते ही पायलटों को अपनी भयानक गलती का अहसास हो गया. उन्होंने तुरंत ब्रेक छोड़े और थ्रोटल दबाकर प्लेन को दोबारा हवा में ले जाने यानी ‘गो-अराउंड’ करने की कोशिश की. लेकिन सिर्फ 4 सेकंड बाद ही उन्होंने ये प्लान बदल दिया. उन्होंने थ्रोटल वापस खींच लिया और फिर से पूरी ताकत से ब्रेक दबाना शुरू कर दिया.
कंफ्यूजन में गंवाए गए इन 4 सेकंड्स ने भारी-भरकम प्लेन को रोकने की बची-कुची उम्मीद भी पूरी तरह खत्म कर दी.

रनवे से 1,300 फीट दूर तबाही, 5 सफाईकर्मियों की दर्दनाक मौत
जब तक ब्रेक अपना असर दिखाते, तब तक बोइंग 767 रनवे की तय सीमा को पार कर चुका था. तेज रफ्तार में जमीन को रगड़ता हुआ ये विशालकाय कार्गो प्लेन रनवे के अंत से करीब 1,300 फीट आगे निकल गया. बदकिस्मती से वहां एयरपोर्ट पर जहाजों की सफाई करने वाले कर्मचारियों की एक वैन खड़ी थी.
हादसा इतना भयानक था कि बेकाबू प्लेन ने सीधी उस वैन को टक्कर मार दी. टक्कर होते ही वैन के परखच्चे उड़ गए और अंदर मौजूद 5 कर्मचारियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. NTSB की चेयरमैन जेनिफर होमेंडी के मुताबिक, ये सभी मृतक मियामी एयरपोर्ट पर प्लेन क्लीयरिंग क्रू का हिस्सा थे, जो अपनी शिफ्ट खत्म करके या काम के सिलसिले में वहां मौजूद थे.