रेरा ने आदेश पारित कर दिया निर्णय
रायपुर, 21 सितम्बर । रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रहेजा रेसीडेन्सी, लाभांडी, रायपुर (छ.ग.) प्रमोटर एस. पी. बिल्डकॉन प्रा.लि. द्वारा श्री संजय रहेजा, पता-30, 31 प्रथम तल श्याम प्लाजा, पण्डरी, रायपुर (छ.ग.). छत्तीसगढ़ रेरा में पंजीयन नंबर – पीसीजीरेरा 280618000375 के रूप में 28 जून 2018 से पंजीकृत है। प्रोजेक्ट में रहवासियों द्वारा भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-31 एवं छ.ग. भू-संपदा (विनियमन और विकास) नियम, 2017 एतद् पश्चात् नियम की कंडिका 35 के अंतर्गत प्रमोटर के विरूद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई है। प्रोजेक्ट में रहवासियों द्वारा अनावेदक के प्रश्नाधीन प्रोजेक्ट रहेजा रेसीडेन्सी में बहुत सारी कमियाँ हैं और उसे सुधारा नहीं गया है। अनुमोदित विकास अनुज्ञा अनुसार अनुमोदित ले-आउट में पार्किंग क्षेत्र के लिये प्रवेश एवं निकास बिन्दु एक दूसरे के विपरीत दिशा में होने के कारण रहवासियों को बड़ी असुविधा एवं समस्याएं पैदा हो रही है। अनावेदक द्वारा छ.ग. रेरा के वेबपोर्टल में प्रस्तुत की गई दस्तावेजों में भिन्नता है। प्रोजेक्ट में प्रमोटर द्वारा ब्रोशर में उल्लेखित सुविधाओं को पूर्ण नहीं किया गया है। प्रोजेक्ट में कारों के पार्किंग के लिये पार्किंग स्थल की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा-17 अनुसार आबंटितियों के संघ को पंजीकृत हस्तांतरण विलेख को निष्पादित कर सामान्य क्षेत्र सुपुर्द करने के लिये दायित्वाधीन है। प्रमोटर सभी विशिष्टियों के साथ प्रोजेक्ट का विकास करने में असफल रहा है। प्रमोटर द्वारा एकमुश्त रखरखाव शुल्क प्रमोटर एवं अनावेदक को संदाय कर चुके हैं और उन पर संदाय करने का कोई दायित्व नहीं है। फिर भी प्रमोटर द्वारा मेंटनेंस हेतु रहवासियों की सोसायटी को प्रोजेक्ट हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है। प्रोजेक्ट में प्रमोटर द्वारा रहवासियों से वसूल की गई सिंकिंग फण्ड व संधारण मद की राशि हस्तांतरण नहीं की जा रही है। दिलचस्प और उल्लेखनीय पहलू यह है कि प्रमोटर द्वारा भी रेरा में कॉलोनी के रहवासियों एवं सोसायटी के विरूद्ध शिकायत की गई कि प्रमोटर कॉलोनी निर्माण एवं विकास का समस्त कार्य कर चुका है, अब मेंटनेंस कॉलोनीवालों को सोसायटी बनाकर करना चाहिए, किन्तु रहवासी मेंटनेंस चार्ज नहीं देते है, न ही सोसायटी कॉलोनी को हेण्डओवर करता है, जिसके कारण प्रमोटर को प्रतिवर्ष करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उसे अपने जेब से पैसा लगाकर कॉलोनी का रखरखाव करना पड़ता है।




